चानू ने 6 महीने बाद मैट पर वापसी की और स्वर्ण पदक जीत लिया

विश्व चैम्पियन भारतीय महिला वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने कमर की चोट से उबरते हुए करीब छह महीने बाद मैट पर वापसी की और स्वर्ण पदक जीत लिया। चानू ने ये मेडल थाईलैंड में हो रहे ईजीएटी कप में जीता। चानू ने इस सिल्वर लेवल ओलिंपिक क्वालिफाइंग इवेंट के 48 किलो वेट कैटेगरी में 192 किलो भार उठाकर स्वर्ण पदक जीता।

2020 ओलिंपिक के मद्देनजर यह जीत अहम
2020 में होने वाले टोक्यो ओलिंपिक में क्वालिफाई करने के लिहाज से चानू की ये जीत अहम है। मीराबाई चानू ने स्नैच में 82 किलो, जबकि क्लीन एंड जर्क में 110 किलो वजन उठाकर टॉप पोजीशन हासिल की।

जापान की मियाके हिरोमी (183 किलो) को सिल्वर और पापुआ न्यू गिनी की लोआ डिका (179 किलो) ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। कमर की चोट के कारण चानू पिछले साल वर्ल्ड चैम्पियनशिप में हिस्सा नहीं ले पाई थीं।

वर्ल्ड चैम्पियनशिप गोल्ड लेवल ओलिंपिक क्वालिफाइंग इवेंट था। चानू जकार्ता में हुए एशियन गेम्स में भी नहीं खेल पाई थीं। चानू ने पिछले साल गोल्ड कोस्ट में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में भी गोल्ड मेडल जीता था।

24 साल की चानू ने गोल्ड कोस्ट में स्नैच में 86 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 110 किलोग्राम का वजन उठाया था। यह खेलों का रिकॉर्ड और उनका निजी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था।

इस मैच में न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला लिया। भारतीय टीम ने 20 ओवर में 6 विकेट पर 135 रन बनाए। उसकी ओर से जेमिमा रोड्रिगेज के 53 गेंद पर 72 और स्मृति मंधाना ने 27 गेंद पर 36 रन की पारी खेली। हालांकि, इन दोनों के अलावा उसकी कोई भी खिलाड़ी दहाई के आंकड़े तक नहीं पहुंच पाई। न्यूजीलैंड के लिए रोजमैरी मेयर ने 17 रन देकर दो विकेट अपने नाम किए। सोफी डिवाइन, एमेलिया केर, लेघ कैसपेरेक ने 1-1 विकेट लिए।

न्यूजीलैंड ने आखिरी गेंद पर एक रन लेकर लक्ष्य हासिल किया

लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड मैच की आखिरी गेंद पर मैच जीत लिया। उसका स्कोर 20 ओवर में 6 विकेट पर 136 रन रहा। उसकी ओर से सूजी बेट्स ने सबसे ज्यादा 62 रन बनाए। उन्होंने 52 गेंद की अपनी पारी के दौरान पांच चौके लगाए। सूजी के अलावा ओपनर सोफी डिवाइन ने 16 गेंद पर 19, एमी सैटर्थवेट ने 20 गेंद पर 23 और कैटी मार्टिन ने 12 गेंद पर 13 रन बनाए। भारत के लिए राधा यादव ने 23 और अरुंधति रेड्डी ने 22 रन देकर 2-2 विकेट लिए। मानसी जोशी और पूनम यादव ने 1-1 खिलाड़ी को पवेलियन भेजा।

चार तरह के बिहेवियर पहचान सकता है रॉबी
डॉ. बेहेरा के मुताबिक, इस रोबोट को डिजाइन करने का मकसद ऐसे लोगों की मदद करना है, जो अकेले रहते हैं और अकेलेपन में उन्हें अपनी मदद के लिए किसी की जरूरत होती है। उन्होंने बताया, "रॉबी पहला ऐसा रोबोट है जो विजन-बेस्ड रिकग्निशन तकनीक का उपयोग करता है। इसकी मदद से ये एग्रेसिव, डिप्रेसिव, खुशी और न्यूट्रल चार तरह के बिहेवियर समझने में सक्षम है।"

Comments

Popular posts from this blog

Führende Scientologen gehören zu den aktivsten Immobilienplayern der Stadt

Führende Scientologen gehören zu den aktivsten Immobilienplayern der Stadt

तुर्की के राष्ट्रपति अर्दोआन के एक क़दम से यूरोप में खलबली