ग्लोबल-500 लिस्ट में रिलायंस इंडस्ट्रीज देश की टॉप कंपनी बनी, आईओसी दूसरे नंबर पर फिसली
नई दिल्ली. फॉर्च्यून ग्लोबल-500 लिस्ट में रिलायंस इंडस्ट्रीज देश की टॉप कंपनी बन गई है। रिलायंस ने रैंकिंग में 42 पायदान की छलांग लगाकर इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) को पीछे छोड़ दिया है। दुनियाभर की कंपनियों की लिस्ट में रिलायंस इंडस्ट्रीज की 106वीं रैंक है। आईओसी का 117वां नंबर है। पिछले साल रिलायंस की 148वीं और आईओसी की 137वीं रैंकिंग थी।
रिलायंस का रेवेन्यू एक साल में 32% बढ़ा, आईओसी की 18% ग्रोथ
रिलायंस लगातार 16 साल से फॉर्च्यून की ग्लोबल-500 लिस्ट में बनी हुई है। कंपनी का रेवेन्यू 2018 के 62.3 अरब डॉलर के मुकाबले 32.1% बढ़कर 82.9 अरब डॉलर हो गया है। दूसरी ओर आईओसी के रेवेन्यू में 17.7% ग्रोथ दर्ज की गई है। यह 65.9 अरब डॉलर से बढ़कर 77.6 अरब डॉलर हो गया। पिछले 10 साल में रिलायंस इंडस्ट्रीज के रेवेन्यू की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ 7.2% जबकि आईओसी की 3.64% रही है।
अमेरिका की रिटेल कंपनी वॉलमार्ट इस साल भी टॉप पर है। चीन की सरकारी ऑयल एंड गैस कंपनी सिनोपेक दूसरे नंबर पर है। डच कंपनी रॉयल डच शेल का तीसरा, चाइना नेशनल पेट्रोलियम का चौथा और चीन की ही स्टेट ग्रिड कंपनी का चौथा नंबर है। सऊदी अरब की तेल कंपनी सऊदी अरामको पहली बार टॉप-10 में आई है। उसका 10वां नंबर है।
31 मार्च 2019 तक कंपनियों के बीते एक साल के रेवेन्यू के आधार पर यह रैंकिंग की गई है। फॉर्च्यून हर साल दुनियाभर की टॉप-500 कंपनियों की रैंकिंग जारी करता है।
“पाक की जमीन से एक समय 40 आतंकी संगठन संचालित हो रहे थे। यानी हम ऐसे समय से गुजर रहे थे जब हमें सबसे ज्यादा डर था कि अब हम शायद नहीं बच पाएंगे। जब अमेरिका उम्मीद कर रहा था कि हम उसकी लड़ाई में ज्यादा मदद करेंगे, उस समय पाक अपने अस्तित्व की लड़ाई में जुटा था।”
इमरान ने कहा, “मेरा अमेरिकी राष्ट्रपति और अन्य बड़े नेताओं से मिलना बेहद जरूरी था। हमने उन्हें कह दिया है कि आगे के लिए हमारे रिश्ते आपसी भरोसे पर आधारित होने चाहिए। यह दुखद था कि दोनों देशों के बीच लंबे समय तक भरोसे की कमी रही।”
‘साथ में ढूंढेंगे अफगानिस्तान मसले का हल’
“अफगानिस्तान में हम तालिबान को बातचीत के मंच तक लाने में अहम भूमिका निभा चुके हैं। यह बेहद मुश्किल होगा। लेकिन पूरा पाक हमारे साथ है। हमारा और अमेरिका का लक्ष्य एक ही है। इस समस्या का हल है एक शांतिपूर्ण अफगानिस्तान।”
इमरान ने तीन दिवसीय दौरा खत्म करने से पहले मंगलवार को ही कैपिटल हिल में हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की स्पीकर नैंसी पेलोसी से मुलाकात की। इससे पहले उन्होंने विदेश मंत्री माइक पोम्पियो के साथ बैठक में हिस्सा लिया। दोनों ही मौकों पर इमरान ने पाक-अमेरिका के रिश्तों को बेहतर करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका के नेताओं के सामने कभी पाक की ठीक छवि पेश नहीं हुई।
रिलायंस का रेवेन्यू एक साल में 32% बढ़ा, आईओसी की 18% ग्रोथ
रिलायंस लगातार 16 साल से फॉर्च्यून की ग्लोबल-500 लिस्ट में बनी हुई है। कंपनी का रेवेन्यू 2018 के 62.3 अरब डॉलर के मुकाबले 32.1% बढ़कर 82.9 अरब डॉलर हो गया है। दूसरी ओर आईओसी के रेवेन्यू में 17.7% ग्रोथ दर्ज की गई है। यह 65.9 अरब डॉलर से बढ़कर 77.6 अरब डॉलर हो गया। पिछले 10 साल में रिलायंस इंडस्ट्रीज के रेवेन्यू की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ 7.2% जबकि आईओसी की 3.64% रही है।
अमेरिका की रिटेल कंपनी वॉलमार्ट इस साल भी टॉप पर है। चीन की सरकारी ऑयल एंड गैस कंपनी सिनोपेक दूसरे नंबर पर है। डच कंपनी रॉयल डच शेल का तीसरा, चाइना नेशनल पेट्रोलियम का चौथा और चीन की ही स्टेट ग्रिड कंपनी का चौथा नंबर है। सऊदी अरब की तेल कंपनी सऊदी अरामको पहली बार टॉप-10 में आई है। उसका 10वां नंबर है।
31 मार्च 2019 तक कंपनियों के बीते एक साल के रेवेन्यू के आधार पर यह रैंकिंग की गई है। फॉर्च्यून हर साल दुनियाभर की टॉप-500 कंपनियों की रैंकिंग जारी करता है।
“पाक की जमीन से एक समय 40 आतंकी संगठन संचालित हो रहे थे। यानी हम ऐसे समय से गुजर रहे थे जब हमें सबसे ज्यादा डर था कि अब हम शायद नहीं बच पाएंगे। जब अमेरिका उम्मीद कर रहा था कि हम उसकी लड़ाई में ज्यादा मदद करेंगे, उस समय पाक अपने अस्तित्व की लड़ाई में जुटा था।”
इमरान ने कहा, “मेरा अमेरिकी राष्ट्रपति और अन्य बड़े नेताओं से मिलना बेहद जरूरी था। हमने उन्हें कह दिया है कि आगे के लिए हमारे रिश्ते आपसी भरोसे पर आधारित होने चाहिए। यह दुखद था कि दोनों देशों के बीच लंबे समय तक भरोसे की कमी रही।”
‘साथ में ढूंढेंगे अफगानिस्तान मसले का हल’
“अफगानिस्तान में हम तालिबान को बातचीत के मंच तक लाने में अहम भूमिका निभा चुके हैं। यह बेहद मुश्किल होगा। लेकिन पूरा पाक हमारे साथ है। हमारा और अमेरिका का लक्ष्य एक ही है। इस समस्या का हल है एक शांतिपूर्ण अफगानिस्तान।”
इमरान ने तीन दिवसीय दौरा खत्म करने से पहले मंगलवार को ही कैपिटल हिल में हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की स्पीकर नैंसी पेलोसी से मुलाकात की। इससे पहले उन्होंने विदेश मंत्री माइक पोम्पियो के साथ बैठक में हिस्सा लिया। दोनों ही मौकों पर इमरान ने पाक-अमेरिका के रिश्तों को बेहतर करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका के नेताओं के सामने कभी पाक की ठीक छवि पेश नहीं हुई।
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