तालिबान का डर, 'लिटिल मेसी' को छोड़ना पड़ा घर
अफ़गानिस्तान के 'लिटिल मेसी' को तालिबान की धमकी की वजह से एक बार फिर अपना घर छोड़कर जाना पड़ा है.
फ़ुटबॉल खिलाड़ी मेसी के लिए अपने लगाव को लेकर चर्चा में आए 'लिटिल मेसी' को इससे पहले भी एक बार अपना घर छोड़कर भागना पड़ा था.
लिटिल मेसी के नाम से मशहूर सात साल के मुर्तज़ा अहमदी साल 2016 में अपनी एक तस्वीर की वजह से चर्चा में आए. इस तस्वीर में वो प्लास्टिक बैग से बनी एक टी-शर्ट पहने हुए थे, जो फ़ुटबॉल खिलाड़ी लियोनल मेसी की जर्सी जैसी थी.
तस्वीर वायरल होने के बाद वो क़तर में अपने हीरो मेसी से मिले भी.
2016 में पाकिस्तान में ली थी शरण
मुर्तज़ा के परिवार का कहना है कि उन्हें अफ़ग़ानिस्तान के अपने घर को छोड़ना पड़ा है. उनका कहना है कि उन्हें तालिबान से धमकियां मिल रही हैं.
मुर्तज़ा अपने परिवार के साथ दक्षिण-पूर्व ग़ज़नी इलाके में रहते थे. जहां चरमपंथियों ने हमला कर दिया और उनके परिवार को अपना घर छोड़कर देश की राजधानी काबुल की तरफ़ भागना पड़ा.
हालांकि ये पहला मौक़ा नही है जब उन्हें अपना घर छोड़ना पड़ा है. इससे पहले साल 2016 में उन्होंने कुछ दिनों के लिए पाकिस्तान में शरण ली थी. समाचार एजेंसी एएफ़पी ने बताया कि वे वहां से कुछ वक़्त बाद ही लौट आए थे क्योंकि उनके पैसे ख़त्म हो गए थे.
मुर्तज़ा उस समय सिर्फ़ पांच साल के थे. उस दिन उन्होंने नीली-सफ़ेद रंग की पट्टी वाली प्लास्टिक बैग से बनी एक टी-शर्ट पहन रखी थी.
ये टी-शर्ट वैसी ही थी जैसी अर्जेंटीना की नेशनल फ़ुटबॉल टीम की जर्सी है, जिसके कप्तान मेसी हैं. मुर्तज़ा की टी-शर्ट पर आगे की ओर मार्कर से 10 नंबर लिखा था.
फ़ुटबॉल खिलाड़ी मेसी के लिए अपने लगाव को लेकर चर्चा में आए 'लिटिल मेसी' को इससे पहले भी एक बार अपना घर छोड़कर भागना पड़ा था.
लिटिल मेसी के नाम से मशहूर सात साल के मुर्तज़ा अहमदी साल 2016 में अपनी एक तस्वीर की वजह से चर्चा में आए. इस तस्वीर में वो प्लास्टिक बैग से बनी एक टी-शर्ट पहने हुए थे, जो फ़ुटबॉल खिलाड़ी लियोनल मेसी की जर्सी जैसी थी.
तस्वीर वायरल होने के बाद वो क़तर में अपने हीरो मेसी से मिले भी.
2016 में पाकिस्तान में ली थी शरण
मुर्तज़ा के परिवार का कहना है कि उन्हें अफ़ग़ानिस्तान के अपने घर को छोड़ना पड़ा है. उनका कहना है कि उन्हें तालिबान से धमकियां मिल रही हैं.
मुर्तज़ा अपने परिवार के साथ दक्षिण-पूर्व ग़ज़नी इलाके में रहते थे. जहां चरमपंथियों ने हमला कर दिया और उनके परिवार को अपना घर छोड़कर देश की राजधानी काबुल की तरफ़ भागना पड़ा.
हालांकि ये पहला मौक़ा नही है जब उन्हें अपना घर छोड़ना पड़ा है. इससे पहले साल 2016 में उन्होंने कुछ दिनों के लिए पाकिस्तान में शरण ली थी. समाचार एजेंसी एएफ़पी ने बताया कि वे वहां से कुछ वक़्त बाद ही लौट आए थे क्योंकि उनके पैसे ख़त्म हो गए थे.
मुर्तज़ा उस समय सिर्फ़ पांच साल के थे. उस दिन उन्होंने नीली-सफ़ेद रंग की पट्टी वाली प्लास्टिक बैग से बनी एक टी-शर्ट पहन रखी थी.
ये टी-शर्ट वैसी ही थी जैसी अर्जेंटीना की नेशनल फ़ुटबॉल टीम की जर्सी है, जिसके कप्तान मेसी हैं. मुर्तज़ा की टी-शर्ट पर आगे की ओर मार्कर से 10 नंबर लिखा था.
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